चर्चित युवा लेखक, बुंदेली-बुंदेलखंड अधिकार कार्यकर्ता किसान गिरजाशंकर कुशवाहा 'कुशराज' अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में पढ़ेंगे शोधपत्र
प्रेस विज्ञप्ति
चर्चित युवा लेखक, बुंदेली-बुंदेलखंड अधिकार कार्यकर्ता किसान गिरजाशंकर कुशवाहा 'कुशराज' अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में पढ़ेंगे शोधपत्र
झाँसी : बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी में 23-24 फरवरी 2026 में कला संकाय, हिंदी विभाग, महिला अध्ययन केन्द्र एवं बुन्देली विरासत दीर्घा, बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी के संयुक्त तत्वावधान में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ एवं भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से आयोजित 'बुन्देलखण्ड के साहित्य, समाज और संस्कृति में श्रीराम' विषयक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में 24 फरवरी 2026 को चर्चित युवा लेखक, इतिहासकार, बुंदेली-बुंदेलखंड अधिकार कार्यकर्ता, किसानवादी विचारक, बुंदेलखंडी शोधार्थी सत्याग्रही किसान गिरजाशंकर कुशवाहा 'कुशराज' "बुन्देलखण्ड में रामकथा की व्यापकता" विषयक शोधपत्र का वाचन करेंगें। कुशराज के शोधपत्र को 'बुन्देलखण्ड में प्रभु श्रीराम' ग्रंथ में शामिल किया गया है, जिसका विमोचन भी इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में होगा। उद्घाटन समारोह में बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी के माननीय कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय की अध्यक्षता रहेगी। उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक पद्मश्री विजय कुमार मुख्य अतिथि रहेंगे। नार्वे के साहित्यकार शरद आलोक प्रवासी सारस्वत अतिथि, रामायण केंद्र, भोपाल के निदेशक प्रो. राजेश श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ की प्रधान संपादक डॉ. अमिता दुबे, कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह एवं परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर विशिष्ट अतिथि रहेंगें। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी के अधिष्ठाता - कला संकाय, अध्यक्ष - हिंदी विभाग, निदेशक - बुन्देली विरासत दीर्घा एवं संगोष्ठी संयोजक प्रो. पुनीत बिसारिया स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे। अखिल भारतीय शंकराचार्य परिषद, नई दिल्ली के पार्षद डॉ. विद्यासागर उपाध्याय बीज व्यक्तव्य प्रस्तुत करेंगे।

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