युद्ध और बिछुड़न - कुशराज
लघुकथा युद्ध और बिछुड़न पोस्टर क्रेडिट : एआई - चैट जीपीटी युद्ध से हर किसी को हानि ही होती है, चाहे वह राष्ट्रप्रमुख / प्रधानमंत्री (राजा / रानी) हो या फिर कोई नागरिक या फिर प्रेमी-प्रेमिका। किसानभूमि देश के प्रधानमंत्री रमन सिंह सैनी की बिटिया सृष्टि सिंह सैनी यूक्रेन में डॉक्टरी की पढ़ाई करने गई। उसे अपने सहपाठी सोहन सिंह यादव से प्रेम हो जाता है। सोहन सिंह भोपाल का निवासी था, जिसके पिता दूध के कारोबार के साथ ही प्रोपर्टी डीलिंग का काम करते थे। सृष्टि को किसान और किसानी का काम दोनों बेहद पसंद थे इसलिए उसे सोहन भी बहुत पसंद था। अब रूस ने यूक्रेन से युद्ध की घोषणा कर दी। युद्ध के बारे में सोचकर सृष्टि और सोहन तनाव में हैं क्योंकि वे जान रहे हैं कि युद्ध से युद्ध लड़ने वाले देशों की अपार जन-धन-मन की हानि ही होगी और फिर आखिरी में शांति वार्ता के बाद युद्ध विराम लेकिन हम जैसे युवा-युवती का जीवन किस ओर मुड़ेगा, ये समय ही बताएगा। सुबह सृष्टि के पिताजी का फोन आया, वो बोले - "बिटिया कल सुबह घर आ जाओ।" सोहन से यह बोलकर - “यार! अपना ख्याल रखना। अपन फिर मिलेंगें।” घर आ गई सृ...









