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किसान गिरजाशंकर कुशवाहा ‘कुशराज’ : एक लेखकीय परिचय

किसान गिरजाशंकर कुशवाहा ‘कुशराज’ : एक लेखकीय परिचय 30 जून सन 1999 में अखण्ड बुन्देलखण्ड के झाँसी जिले में जरबौ गाँव के कुशवाहा किसान परिवार में जन्मे किसान गिरजाशंकर कुशवाहा ‘कुशराज’ बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी के हिन्दी विभाग में शोधार्थी, बुंदेलखंडी शोधार्थी सत्याग्रही और बुंदेली विरासत दीर्घा के रचनात्मक सहयोगी होने के साथ ही चर्चित युवा लेखक, किसानवादी आलोचक, बुंदेली-बुंदेलखंड अधिकार कार्यकर्त्ता, बुन्देलखण्ड साहित्य उन्नयन समिति, झाँसी के सदस्य, बुन्देलखण्ड सांस्कृतिक एकेडेमी, झाँसी के सचिव, इक्वल अपॉर्च्युनिटी सेल, हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व महासचिव, सीसीआरटी, भारत सरकार के इतिहासकार, किसान विमर्श और नरवाद / पुरुष विमर्श के विमर्शकार हैं। इन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली के हंसराज कॉलेज से 7.70 सीजीपीए के साथ सन 2020 में बी०ए० (ऑनर्स) हिन्दी की उपाधि अर्जित की है और सन 2024 में बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी से एम०ए० हिन्दी 8.23 सीजीपीए के साथ उत्तीर्ण करते हुए बुन्देलखण्ड महाविद्यालय, झाँसी (बीकेडी) में सर्वोच्च स्थान अर्जित किया है। इसके साथ ही इन्ह...

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