बुन्देलखण्ड में श्रीराम का वैश्विक ज्ञान महायज्ञ - किसान गिरजाशंकर कुशवाहा 'कुशराज'
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बुन्देलखण्ड में श्रीराम का वैश्विक ज्ञान महायज्ञ
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23-24 फरवरी 2026 को बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी में कला संकाय, हिंदी विभाग, महिला अध्ययन केन्द्र एवं बुन्देली विरासत दीर्घा, बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी के संयुक्त तत्वावधान में गुरूजी प्रो. पुनीत बिसारिया जी के संयोजन में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ एवं भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से आयोजित 'बुन्देलखण्ड के साहित्य, समाज और संस्कृति में श्रीराम' विषयक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जो 'बुन्देलखण्ड में श्रीराम का वैश्विक ज्ञान महायज्ञ' सिद्ध हुआ। इसमें बुन्देलखण्ड में श्रीराम के बहुआयामी व्यक्तित्व, राम-साहित्य और राम-संस्कृति पर सार्थक विमर्श हुआ। इस वैश्विक ज्ञान महायज्ञ में स्नातक के छात्र-छात्राओं से लेकर देश-विदेश के सुप्रसिद्ध प्रोफेसरों और साहित्यकारों - संस्कृतिकर्मियों के साथ ही शोधार्थियों ने आहुति दी। 108 मनकों के 'बुन्देलखण्ड में प्रभु श्रीराम' महाग्रंथ का विमोचन संगोष्ठी के समापन समारोह में हुआ। इस महाग्रंथ में स्नातक के छात्र-छात्राओं से लेकर देश-विदेश के सुप्रसिद्ध प्रोफेसरों, साहित्यकारों - संस्कृतिकर्मियों और शोधार्थियों के सृजन को मान दिया गया और इसमें समाहित आलेखों / शोधपत्रों के लेखकों / लेखिकाओं को 'रामभक्त लेखक सम्मान 2026' से सम्मानित किया गया।
बुन्देलखण्ड में श्रीराम का वैश्विक ज्ञान महायज्ञ की विशेष उपलब्धि 'ओरछा की महारानी कुँवर गनेसी द्वारा श्रीराम को अयोध्या से ओरछा लाना और ओरछा के महाराज - रामराजा सरकार बनने की अमर कहानी' का अद्भुत नाट्य मंचन रहा। इसके साथ ही रामलीला का मंचन और बुंदेली सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियाँ भी युगान्तकारी रहीं।
माननीय कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय, शरद आलोक, डॉ. अमिता दुबे, प्रो. राजेश श्रीवास्तव, ज्ञानेंद्र कुमार, राजबहादुर, धीरेंद्र श्रीवास्तव, संजय अनंत, प्रो. बहादुर सिंह परमार, प्रो. नवेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. शरद सिंह, डॉ. रामशंकर भारती, डॉ. विजयप्रकाश सैनी, प्रो. वीरेन्द्र यादव, डॉ. शशिभूषण मिश्र, डॉ. विद्यासागर उपाध्याय, डॉ. मुहम्मद नईम, गुरूमाता दीप्ति बिसारिया, डॉ. नवीन चन्द पटेल, डॉ. दीनानाथ मौर्य, डॉ. यतेंद्र सिंह कुशवाहा, प्रकाशक सत्यभान सिंह, डॉ. रिंकी पाठक, डॉ. विभा नायक, आरिफ शहडोली, अनुज सिंह यादव, दीपक नामदेव, हंसराज वर्मा अनुज पाल 'सार्थक', शिवम हरि सहित प्राध्यापकगणों, शोधार्थियों और छात्र - छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति में हमें भी 'रामभक्त लेखक सम्मान 2026' से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 'बुन्देलखण्ड में रामकथा की व्यापकता' पर के केंद्रित विषय पर व्याख्यान देने का सौभाग्य मिला। हमें आयोजन समिति में शामिल करने, 'रामभक्त लेखक सम्मान 2026' से सम्मानित करने और वक्ता / शोधपत्र वाचक के तौर पर आमंत्रित करने हेतु संगोष्ठी संयोजक गुरूजी प्रो. पुनीत बिसारिया जी का भौत-भौत आभार।
© किसान गिरजाशंकर कुशवाहा 'कुशराज'
(राष्ट्रीय अध्यक्ष : मोदी सेना-कुशराजवादी, चर्चित युवा लेखक, इतिहासकार, बुंदेली-बुंदेलखंड अधिकार कार्यकर्ता, किसानवादी विचारक, बुंदेलखंडी शोधार्थी सत्याग्रही, किसान विमर्श और नरवाद / पुरुष विमर्श के सिद्धांतकार)
नन्नाघर, जरबौ गाँव, झाँसी, अखण्ड बुन्देलखण्ड
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