जौहर विश्वविद्यालय पर बुल्डोजर नहीं चलनी चाहिए - कुशराज

जौहर विश्वविद्यालय पर बुल्डोजर नहीं चलनी चाहिए

विकसित भारत - विश्वगुरू भारत के सपने दिखाने वाली सरकार में शिक्षा संकट गहराया हुआ है। सरकारी स्कूलों को बंद करके गांवों में रहने वाले किसानों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से वंचित करने का काम किया गया। शिक्षा ही शक्ति देती है। शिक्षा ही जनता में चेतना जगाती है। बार-बार सरकार शक्ति देनी वाली माँ शिक्षा की हत्या करने का काम रह रही। दिल्ली में जंतर मंतर पर सामाजिक कार्यकर्त्ता सोनम वांगचुक, छात्रनेत्री कॉमरेड नेहा और युवा कार्यकर्त्ता अभिजीत दीपके के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर देशव्यापी छात्र आंदोलन - पढ़ाई की लड़ाई जारी है। नीट का पेपर लीक हुआ और यूजीसी नेट की आंसर की अब तक जारी नहीं की गई। कोई भी राष्ट्रीय परीक्षा स्वच्छ और पारदर्शी तरीके से संपन्न क्यों नहीं हो पा रही है।


15 जुलाई 2026 को भाजपा वाली हिन्दूवादी या ब्राह्मणवादी उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन कार्यरत रामपुर विकास प्राधिकरण ने रामपुर में सपा नेता आजम खान द्वारा सन 2006 में स्थापित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 40 भवनों में से 38 भवनों को अवैध घोषित किया है। प्राधिकरण ने कहा है कि 38 भवनों का नक्शा पास नहीं कराया इसलिए ये भवन अवैध हैं। प्रशासन ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को आदेश दिया है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन 15 दिन के अंदर इन 38 भवनों को स्वयं ध्वस्त कर दे नहीं तो तय समयसीमा के बाद प्राधिकरण इन भवनों को बुल्डोजर चलाकर ध्वस्त कर देगा और जिसका खर्चा विश्वविद्यालय से वसूला जाएगा। 


रामपुर विकास प्राधिकरण के अनुसार जौहर विश्वविद्यालय अवैध है लेकिन उसमें शिक्षा तो यूजीसी और भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार द्वारा लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप वैध दी जा रही है। शिक्षा संस्थानों का बचना और शिक्षा संस्थानों को बचाने के लिए लड़ना हम सब नागरिकों का पहला कर्त्तव्य है। रामपुर विकास प्राधिकरण के जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण के आदेश को रद्द करने और विश्वविद्यालय को बचाने के लिए छात्र-छात्राओं ने धरना जारी कर दिया है। सामाजिक-राजनैतिक कार्यकर्त्ता जौहर विश्वविद्यालय बचाने के लिए लड़ रहे हैं। यदि  सरकार को जौहर विश्वविद्यालय का नाम मुस्लिम के नाम पर होने से आपत्ति है तो हम भारत के नागरिक चाहते हैं कि सरकार मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का नाम बदलकर श्रीराम विश्वविद्यालय, माँ सीता विश्वविद्यालय, महात्मा ज्योतिबा फुले, दीनदयाल विश्वविद्यालय, अटल बिहारी विश्वविद्यालय, नरेन्द्र मोदी विश्वविद्यालय इत्यादि में से कोई भी रख दे। विश्वविद्यालय प्रबंधन को भंग करके इसे राज्य विश्वविद्यालय घोषित कर दे। विश्वविद्यालय प्रशासन में राज्य सरकार द्वारा प्रशासन पदाधिकारी नियुक्त कर दे लेकिन विश्वविद्यालय पर बुल्डोजर मत चलाए। 


जौहर विश्वविद्यालय में बेटियाँ भी पढ़ती हैं। जब विश्वविद्यालय पर बुल्डोजर चल जाएगी। तब बेटियाँ पढ़ने कहाँ जाएंगी। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत - विश्वगुरू भारत के मिशन का क्या होगा? बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों पर पानी फिर जाएगा। मोदी जी की कथनी और करनी में अंतर आ जाएगा। हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह करते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार को आदेशित करें कि जौहर विश्वविद्यालय पर किसी भी स्थिति बुल्डोजर न चलाए। इसमें बेटियाँ पढ़ रहीं हैं, जो विकसित भारत का भविष्य गढ़ रहीं हैं।


सोनम वांगचुक पढ़ाई की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके साथ विपक्षी पार्टियां खड़ी हैं। यदि उत्तर प्रदेश में जौहर विश्वविद्यालय पर बुल्डोजर चलाकर माँ शिक्षा की हत्या की गई तो जनता वर्तमान सरकार को अपनी वोट की ताकत से सत्ता से बाहर कर देगी। हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर नफरत की राजनीति करने वालों के इरादों को जनता जान रही है। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है। पहले लाखों प्राथमिक विद्यालयों को बंद कर दिया गया और अब जौहर विश्वविद्यालय जैसे विश्वविद्यालयों को बुल्डोजर चलाकर खत्म किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार का शिक्षा विरोधी रवैया विकसित भारत - विश्वगुरू भारत की अवधारणा के विरुद्ध है। यदि बुलडोजर चलानी ही है तो श्रीराम मंदिर के चोरी प्रकरण के आरोपियों - राममंदिर चोरों के घरों और प्रतिष्ठानों पर चलाइए। इन राममंदिर चोरों ने तीनों वर्गों के हिन्दुओं - पंड़ित हिन्दुओं, किसान हिन्दुओं, दलित हिन्दुओं का दान-चढ़ावा चुराया है। सबसे ज्यादा दान-चढ़ावा किसान हिन्दुओं (पिछड़ों) ने चढ़ाया है क्योंकि किसान हिन्दुओं की जनसंख्या सबसे ज्यादा है। अब सामाजिक न्याय की अवधारणा को हर जगह लागू करने का समय आ गया है। जिसकी जितनी संख्या भारी-उतनी उसकी हिस्सेदारी। जब किसान हिन्दुओं की जनसंख्या सबसे ज्यादा है तो श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास में किसान हिन्दुओं का जनसंख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व क्यों नहीं? यदि भारत को बहुआयामी संकट से बचाना है तो किसी भी कॉलेज-विश्वविद्यालय पर किसी भी परिस्थिति में बुल्डोजर नहीं चलनी चाहिए। श्रीराम मंदिर के कोष से देश के विभिन्न क्षेत्रों में श्रीराम संस्कृति विश्वविद्यालय और माँ सीता महिला विश्वविद्यालय स्थापित होने चाहिए। 

- किसान गिरजाशंकर कुशवाहा 'कुशराज'

(बुन्देलखण्डी शोधार्थी सत्याग्रही) 

20 जुलाई 2026, झाँसी

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